लीप वर्ष क्या होता है? 2024 में क्यों फरवरी में एक अतिरिक्त दिन है?

लीप वर्ष 2024: क्या आप जानते हैं कि 2024 एक लीप वर्ष है? हर चार साल में एक लीप वर्ष आता है, और इस वर्ष में फरवरी में 28 दिनों के बजाय 29 दिन होते हैं।

लीप वर्ष क्या होता है?

  • एक लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं, जबकि सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं।
  • फरवरी में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है, जिसे 29 फरवरी कहा जाता है।
  • 2024 अगला लीप वर्ष है, और अगला 2028 में होगा।

2024 एक लीप वर्ष क्यों है?

वर्ष 2024 एक लीप वर्ष है क्योंकि यह चार से विभाज्य है। पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 365.242190 दिन लगते हैं, जो कि 365 दिनों से थोड़ा अधिक है। यदि हम हर साल 365 दिन गिनते हैं, तो ऋतुओं का समय धीरे-धीरे बदल जाएगा। लीप वर्ष में एक अतिरिक्त दिन जोड़कर, हम ऋतुओं को कैलेंडर के साथ तालमेल में रखते हैं।

लीप वर्ष कैसे काम करता है?

आमतौर पर, हर चार साल में एक लीप वर्ष होता है। इसका मतलब है कि 2020, 2024, 2028, और इसी तरह के वर्ष लीप वर्ष होंगे।

लीप वर्ष क्यों होता है?

  • पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 365.242190 दिन लगते हैं।
  • इसका मतलब है कि 365 दिनों का वर्ष वास्तविक वर्ष से लगभग 6 घंटे कम होता है।
  • हर चार साल में इन अतिरिक्त घंटों को समायोजित करने के लिए एक लीप वर्ष जोड़ा जाता है।
  • यदि लीप वर्ष नहीं होता, तो ऋतुओं का समय बदल जाता और कैलेंडर ऋतुओं से मेल नहीं खाता।

लीप वर्ष से जुड़ी रीति-रिवाज:

  • आयरलैंड: लीप डे को “बैचलर डे” के रूप में मनाया जाता है, जहां महिलाएं पुरुषों को शादी का प्रस्ताव दे सकती हैं।
  • ग्रीस: लोग लीप वर्ष में शादी करने से बचते हैं, क्योंकि यह तलाक का खतरा माना जाता है।
  • स्कॉटलैंड: 29 फरवरी को चुड़ैलों का दिन माना जाता है, और लोग इस दिन बच्चे के जन्म को दुर्भाग्य से जोड़ते हैं।
  • ज्योतिष: कुछ ज्योतिषियों का मानना ​​है कि लीप वर्ष में जन्मे लोगों में अद्वितीय विशेषताएं होती हैं।

फरवरी में ही क्यों लीप डे जोड़ा गया?

  • प्राचीन रोम में, जूलियस सीज़र ने जूलियन कैलेंडर पेश किया, जिसमें लीप वर्ष शामिल था।
  • फरवरी को लीप डे जोड़ने के लिए चुना गया क्योंकि यह वर्ष का सबसे छोटा महीना था।
  • 1582 में, ग्रेगोरियन कैलेंडर में भी फरवरी में लीप डे शामिल किया गया।

यदि लीप वर्ष नहीं होता तो क्या होता?

  • यदि लीप वर्ष नहीं होते, तो ऋतुओं का समय बदल जाता।
  • उत्तरी ध्रुव पर जून में सर्दी और दक्षिणी ध्रुव पर गर्मी होती।
  • कैलेंडर ऋतुओं से मेल नहीं खाता और मौसम की भविष्यवाणी करना मुश्किल हो जाता।

अब आप जानते हैं कि लीप वर्ष क्या होता है, 2024 में क्यों फरवरी में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है, और इससे जुड़ी रीति-रिवाज क्या हैं।

निष्कर्ष:

लीप वर्ष हमारे कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह ऋतुओं को कैलेंडर के साथ तालमेल रखने में मदद करता है। 2024 एक लीप वर्ष है, और फरवरी में 29 दिन होंगे।

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