CAA Rule: मार्च महीने के पहले हफ्ते में हो सकता है CAA लागू , मीडिया में कहा गया

CAA Rule: लोकसभा चुनाव की तारीखों के पहले मोदी सरकार को यह अधिकार है कि वे CAA/सन्दर्भित कानून (सिटिजनशिप एमेंडमेंट एक्ट) को लागू करें। समर्थन के लिए, संसद ने इसे दिसंबर 2019 में मान्यता दी थी, और इसे राष्ट्रपति द्वारा भी मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।

केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले जाने वाले हफ्ते में नागरिकता संसोधन अधिनियम CAA को आगे बढ़ा सकती है। अनुवादित रूप में, मार्च के प्रथम हफ्ते में केंद्रीय गृह मंत्रालय एक अधिसूचना जारी कर सकता है जो इस अधिनियम के संबंध में होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले, प्रथम मार्च के पहले हफ्ते में मोदी सरकार नागरिकता संसोधन अधिनियम के नियमों को लागू कर सकती है। विधानसभा चुनाव की तारीखों का इंतजार मार्च के दूसरे हफ्ते में हो सकता है, जैसा कि रिपोर्ट्स का कहना है।

क्या CAA आचार संहिता से पहले लागू होगा?

पहले CAA लागू किया जा सकता है, यह माना जा रहा है इससे पहले MCC की घोषणा हो. जब तक आचार संहिता लागू नहीं होती, सरकार आमतौर पर बड़ी घोषणा नहीं कर सकती. गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस के संपादक से बातचीत में कहा, “मैं आपको तारीख नहीं बता सकता, लेकिन इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा जब तक आचार संहिता लागू होती है.”

2019 में संसद को हरी झंडी मिली

CAA के तहत, पहले 31 दिसंबर 2014 से, हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों, बौद्धों, जैनियों और पारसियों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी मुस्लिम-बहुल देशों से भारतीय नागरिकता मिल सकती है. यह कानून दिसंबर 2019 में संसद द्वारा मान्यता प्राप्त किया गया था. इसको राष्ट्रपति ने भी स्वीकृति दी थी. लेकिन CAA पर इसे मुस्लिम विरोधी तोर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. हालांकि, कोरोना के कारण विरोध प्रदर्शन बंद हो गए थे. हालांकि, CAA को इसकी नियमावली अभी तक लागू नहीं किया जा सका है.

अमित शाह ने इशारे भी किए

अगर कोई व्यक्ति इस वाक्यांश को इतना कि इसका अर्थ समझ सके, सरलीकृत और स्पष्ट शब्दों में लिखें|

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 फरवरी को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा, “CAA देश का कानून है। अगले आम चुनाव से पहले इसकी सूचना दी जाएगी। किसी को इसके बारे में संदेह नहीं होना चाहिए।” उसने कहा, CAA को लागू करने के नियम जल्द ही लोकसभा चुनाव से पहले जारी कर दिए जाएंगे। इसके माध्यम से भारतीय नागरिकता मिलाने की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होगी।

शाह ने कहा कि सीएए से किसी की नागरिकता को छीनने का नहीं होगा

यह ठीक नहीं था, शाह ने इस समय विपक्ष को भी लक्ष्य बना लिया था। अमित शाह ने कहा, “हमारे मुस्लिम भाईयों को इस मुद्दे पर उत्तेजना दी जा रही है। इसके माध्यम से किसी की नागरिकता नहीं हटाई जाएगी। इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, यह उन लोगों के लिए है जो पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार हुए हैं और भारत में आकर शरण ले रहें हैं।”

यह भी पढ़ें: ये भी पढ़ें: Free Computer Coaching: यूपी में ओबीसी छात्रों को मुफ्त में कंप्यूटर कोचिंग करने की मिलेगी सुविधा, जानिए कौन सकता है कर आवेदन

“Lal-imlI.com” से ताजा अपडेट पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल को सब्सक्राइब करें!